अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना : पूरी जानकारी

अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना (Ambekdar Hastshilp Yojna) की शुरुआत सन 2001-02 मे भारत सरकार की टेक्सटाइल मिनिस्ट्री द्वारा शिल्पीयों की भागीदारी के साथ साथ हस्तशिल्प समूहों के विकास के लिए किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है हस्तशिल्पीयों का संपूर्ण रूप से विकास जो कि इस आधुनिक युग में खोता रहा है। हस्तशिल्प विकास योजना को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से सिर्फ कारीगरों को इकट्ठा करने और वशिष्ठ डिजाइनों के माध्यम से नवीनतम तकनीकी प्रवृत्ति के साथ अपने कौशल को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए शुरू किया गया था। इसके अलावा हस्तशिल्प विकास योजना खराब आर्थिक स्थिति वाले कारीगरों पर केंद्रित है जो उन्हें प्रौद्योगिकी पर आधारित उनके उन्नत कौशल को अपडेट करने के लिए उनका बहुत समर्थन करता है।

अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना
अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना

 अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना के मुख्य उद्देश्य:-

  • हस्तशिल्पीयों के संपूर्ण विकास और प्रगति के लिए मुख्यतः हस्तकला के बारे में जागरुकता फैलाना ताकि यह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
  • हस्तशिल्प के कारीगरों प्रशिक्षण प्रदान करना तथा उन्हें अपने हस्तशिल्प उत्पादों को अधिक से अधिक बाजारों तक पहुंचाने में मदद करना ताकि उनका प्रचार और प्रसार हर जगह हो सके और उनकी जो संस्कृति धीरे धीरे हो रही है वह सही सलामत बची रहे।
  • हस्तशिल्प के कारीगरों को अच्छी शिक्षा तथा मार्केट के तकनीक से जुड़े ज्ञान प्रदान करना ताकि उन्हें अच्छा परिणाम मिले जिनसे उन्हें अपने द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प को बाजार में बेचने में मदद मिले।
  • कारीगरों को उत्पाद के लिए अधिक मूल्य जोड़ने और उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिए उत्तम गुणवत्ता वाले कच्चे माल डिजाइनिंग उपकरणों का उपयोग करने के तरीकों पर मार्गदर्शक करना है।
Ambedkar Hastshilp Yojna
Ambedkar Hastshilp Yojna

अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना द्वारा कुल पांच गतिविधियां लगभग सभी क्षेत्रों में संचालित हैं जो कि इस प्रकार हैं:

  • Social Interventions
    • डायग्नोस्टिक सर्वे(Diagnostics Survey) और प्रोजेक्ट प्लान(Project Plan) को तैयार करना
    • सेल्फ हेल्प ग्रुप्स(SHGs) यानी कि स्वयं सहायता समूहो के कारीगरों के लिए सामुदायिक सशक्तिकरण
    • कारीगरों को पहचान पत्र जारी करना
  • TECHNOLOGICAL INTERVENTIONS
    • उन्नत व आधुनिक उपकरण का विकास तथा उनका सप्लाई
    • डिजाइन और तकनीकी विकास कार्यशाला
    •  इंटीग्रेटेड डिजाइन और तकनीकी विकास परियोजना
    •  कारीगरों की ट्रेनिंग
    • सेमिनार का आयोजन
  • MARKETING INTERVENTIONS
    • प्रदर्शनीयों का आयोजन
    •  इलेक्ट्रॉनिक मोड और ब्रांड निर्माण अभियान के माध्यम से प्रचार व प्रसार
    • वेयरहाउसिंग और कामन वर्क करने की जगह का स्थापना
  • FINANCIAL INTERVENTIONS
    • क्लस्टर प्रबंधक को मजदूरी का मुआवजा
    •  बाबासाहेब आंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना के एजेंसी के लिए सेवा शुल्क
    • क्रेडिट गारंटी
  • CLUSTER SPECIFIC INFRASTRUCTURE RELATED INTERVENTIONS
    • प्रमुख शिल्प के लिए संसाधन केंद्र की स्थापना
    • इ-किओस्क की स्थापना
    • कच्चे माल यानी कि रॉ मैटेरियल बैंकों की स्थापना
    • तकनीकी सहायता के लिए केंद्र की स्थापना

हस्तशिल्प विकास योजना के तहत आवेदन करने की योग्यता :-

 वह ऑर्गेनाइजेशंस (organisations) जो अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना के तहत उनकी सुविधा तथा फंड पाने योग्य है-

  1. रेपुटेड एनजीओस (Reputed NGOs), कोऑपरेटिव (Corporatives) और ट्रस्ट्स (Trusts)
  2. रेपुटेड ऑर्गेनाइजेशंस (Reputed Organisations) यानी कि संगठन- COHANDS, EPCH, CEPC, MHSC, HCT, NCDPD, NIFT, NID, University Deptt., DRDA, NISIET, EDIs
  3. केंद्रीय हस्तशिल्प विकास निगम और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसी
  4. राज्य सरकार या वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रवर्तित निगम एजेंसियां
  5. गैर सरकारी संगठनों यानी कि एनजीओ (NGOs), सेल्फ हेल्प ग्रुप्स(SHGs)
  6.  केंद्र सरकार के उचित कानून के तहत पंजीकृत संगठन(Organisations)।

पिछले 5 वर्षों के दौरान अंबेडकर हस्तशिल्पी योजना के तहत 77,148 कारीगरों को जुटाया गया और लगभग 4572 सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHGs) का संगठन किया गया। SHGs इन कारीगरों को तकनीकी प्रशिक्षण और डिजाइन विकास कार्यक्रम जैसे विभिन्न प्रकार के हस्तक्षेप और संशोधनों के माध्यम से लाभान्वित किया गया है। 97 क्लस्टर विकास कार्यक्रम में से जो मंजूर किए गए जिनमें से 45 ऐसे कार्यक्रम पिछले 5 वर्षों के दौरान पूरे किए गए हैं और बाकी समूहों में पात्रता मानदंड के आधार पर कार्य करने वाली एजेंसियों के लिए अलग-अलग तरह के आवश्यकता पर आधारित हस्तक्षेप कार्यक्रम स्वीकृत किए जा रहे हैं।

अगर आप इस योजना के विषय में और भी डिटेल में जानना चाहते हैं तो हमारे द्वारा नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर स्कीम ऑफ़ हेंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट अफसर के पीडीएफ (PDF) को डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं:

 दोस्तों हम उम्मीद करते हैं अगर आप अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना के बारे में जानकारी चाह रहे होंगे तो हमारा यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। अगर फिर भी आपके मन में अंबेडकर हस्तशिल्पी योजना से जुड़ी कोई प्रश्न है तो आप हमारे द्वारा नीचे दिए कमेंट बॉक्स(Comment Box)  मे पूछ सकते हैं हम आपकी पूरी सहायता करेंगे।

 धन्यवाद!

लघु उद्योग के लिए लोन कैसे लें? 

भारत देश में बढ़ती हुई बेरोजगारी को देखते हुए बहुत से व्यक्ति के मन में अपना खुद का एक नया बिजनेस शुरू करने की इच्छा होती है। पर बहुत से लोगों के पास बिजनेस स्टार्ट करने के लिए ऐसा नहीं होता है जिससे वह अपना बिजनेस स्टार्ट नहीं कर पाते हैं पर अब लघु उद्योग लोन की मदद से वह सभी लोन लेकर अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं।

लघु उद्योग के लिए लोन आप बैंक तथा जिला उद्योग केंद्र से भी ले सकते हैं-

बैंक द्वारा लघु उद्योग के लिए लोन

  • बैंक से लोन लेने के लिए किसी भी बैंक में हमारा खाता खुला हुआ होना चाहिए।
  • बैंक हमारा व्यक्तिगत व्यवहार भी देखता है इसलिए हमारा अपने समाज के प्रति अच्छा व्यवहार होना चाहिए।
  • हमें एक ऐसा बिजनेस स्टार्ट करना होगा जिससे कि हमारे साथ साथ और भी लोगों को फायदा हो।
  • बैंक हमसे हमारे उद्योग की शुरुआत करने का एक रीजन मांगता है इसलिए हमारे पास उस उद्योग के लिए महत्वपूर्ण रीजन होना चाहिए।
  • सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलाई गई है, जैसे
  • इत्यादि सभी योजना सरकार द्वारा चलाई गई हैं। जिसमें से हमें किसी एक योजना का ही चयन करना होगा जिसके अनुसार हमें लोन लेना होगा।
  • हमें जी सूचना के तहत कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा तथा जी सूचना के तहत हमें आगे भविष्य में फायदा होगा उसी योजना हमें लोन लेना चाहिए।
  • हम किसी बैंक से लोन ले उस बैंक के लोन देने की पूरी प्रक्रिया को अच्छे से समझ लें।
  • हमें उस बैंक द्वारा जो लोन लेने का फॉर्म मिलेगा उसे पूरा भर कर और उसके साथ जो जो उसमें दस्तावेज मांगे जाएंगे उसके साथ जमा करना होगा।
  • हमें अपने बिजनेस के फायदे और मुनाफे दोनों के बारे में बैंकों पूरी जानकारी देनी होगी इससे बैंक यह सुनिश्चित कर लेता है कि उनके द्वारा दिया गया लोन का पैसा उनको वापस मिल पाएगा या नहीं।
  • हमें अपने पहचान पत्र, वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट इन सभी में से किसी एक को बैंक को देना जरूरी होता है।
  • हम SC/ST/OBC/General किस जाति में आते हैं उसका भी प्रमाण देना होता है।
  • हमें अपने पिछले 6 महीने की बैंक खाते की पूरी स्टेटमेंट जमा करनी होती है।
  • बैंक आप से लोन लेते समय आपके डॉक्यूमेंट तथा आपके पिछले 2 से 3 साल तक का पूरा बैंक बैलेंस शीट जैसे कि आपका इनकम टैक्स, सेल टैक्स, तथा बिजली का बिल आदि सहित जुड़े हुए सभी कागजात भी मांगता है।

अगर आप हस्तशिल्प से सम्बन्धी कोई काम करने की सोच रहे हैं तो आप यहाँ से जान सकते हैं

महिला उद्यम निधि

जिला उद्योग केंद्र द्वारा लघु उद्योग के लिए लोन

  • जिला उद्योग केंद्र से लोन लेने के लिए जरूरी दस्तावेज में आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो तथा आप का स्थाई प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
  • जिला उद्योग केंद्र द्वारा लोन लेने के लिए आपकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा आप की कक्षा आठवीं तक की पढ़ाई उत्तरीण होनी चाहिए।
  • नया व्यापार क्षेत्र के लिए ही आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं अगर आप किसी और क्षेत्र में किसी योजना का लाभ उठा रहे हैं तो आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
  • अगर आप बीपीएल कार्ड धारक है तब भी आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

महिला लघु उद्योग लोन

भारत सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर क्यों उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए महिला उद्यम निधि स्कीम की शुरुआत की है।

महिला उद्यम निधि क्या है

महिला उद्यम निधि एक ऐसा स्कीम है जो महिला उद्यमियों को सुलग ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य में लघु उद्योग विकास बैंक द्वारा शुरू की गई है। जैसा कि नाम से यह स्पष्ट हो जा रहा है यह स्कीम केवल महिलाओं के लिए ही लागू की गई है। इस स्कीम के अंतर्गत वह महिलाएं जो अपना खुद का एक उद्योग स्टार्ट करना चाहती थी वह महिलाएं इस स्क्रीन की मदद से अपने उद्योग को स्टार्ट आसानी से कर सकती है।

महिला उद्योग निधि स्कीम के अंतर्गत लोन कैसे लें?

  • महिला उद्योग निधि स्कीम के अंतर्गत मार्जिन मनी को मिलाकर इसकी लागत अधिक से अधिक 1000000 रुपए तक ही तय की गई हैं।
  • सुलभ ऋण पूरी प्रोजेक्ट कॉस्ट का केवल पच्चीस परसेंट दिया जाएगा जो अधिक से अधिक ढाई लाख रुपये तक होगी और उद्यमी को पूरी प्रोजेक्ट कास्ट का 10 परसेंट अपनी जेब से लगाना पड़ेगा।
  • सिक्योरिटी के तौर पर काल्पनिक औजार उपकरण मशीनों का रखा जाएगा हालांकि लोन लेने वक्त थर्ड पार्टी गारंटी मान्य होगी।
  • सुलभ ऋण पर किसी प्रकार की कोई जमानत सिक्योरिटी के तौर पर बैंक द्वारा नहीं ली जाएगी।
  • सुलभ ऋण पर ब्याज की दर के तौर पर केवल सालाना एक परसेंट सर्विस चार्ज लोन पर देना होगा।
  • शेष अमाउंट अर्थात टर्म लोन पर ब्याज की दर समय-समय पर एस आई डी बी आई द्वारा निर्धारित की गई दर के हिसाब से देना होगा।
  • महिलाओं द्वारा चलाए गए आर्थिक रूप से कमजोर लघु उद्योग एवं छोटी इकाई चाहे वह निर्माण क्षेत्र से हो या सेवा क्षेत्र से इस स्कीम के तहत को आसानी से लोन ले सकते हैं।
  • यदि कोई महिला किसी लघु उद्योग को बड़े अच्छे से चला रही है और उसने इस स्कीम के तहत लोन लिया था और अब तक उसने इस स्कीम के तहत लिया लोन चुका दिया है तो ऐसी स्थिति में वह दुबारा से लोन के लिए अप्लाई कर सकती है।
  • इस महिला उद्यम निधि स्कीम के अंतर्गत लोन चुकता करने की अवधि 10 वर्ष निर्धारित की गई है।

पूरी लेख के द्वारा आप लघु उद्योग के लिए लोन लेने के लिए आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। तथा महिलाओं को भी लोन लेने में इसलिए के द्वारा आसानी होगी। यदि आप इसके अलावा और भी किसी चीज के लिए लोन लेने के बारे में जानना चाहते हैं तो आप हमसे हमारे कमेंट बॉक्स में आकर पूछ सकते हैं।